प्रक्रियाएँ

प्रोसेस इंजीनियरिंग में स्टिरिंग

स्टिरिंग (हिलाना) विभिन्न आकार के स्टिरिंग टूल की मदद से तरल पदार्थों में की जाने वाली एक मिक्सिंग प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य सभी एडिटिव तथा तापमान, विस्कोसिटी और घनत्व जैसी उनकी भौतिक अवस्थाओं का एकसमान वितरण है। स्टिरिंग, मिश्रण की एक शाखा के रूप में, बुनियादी मैकेनिकल प्रक्रियाओं में गिनी जाती है।

समांगी वितरणपूरे टैंक में एक जैसी संरचना।
तेज़ हीटिंग और कूलिंगउत्पाद की अच्छी क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर गति।
कम ऊर्जाकम समय में आवश्यक समांगता।

स्टिरिंग के दौरान क्या होता है

  • तरल में ठोस कणों को उठाकर फैलाना
  • मिश्रणीय तरलों का होमोजेनाइज़ेशन
  • तापमान और सांद्रता के अंतर का संतुलन
  • ठोस पदार्थों का तेज़ी से घुलना, रासायनिक अभिक्रियाओं का तेज़ी से होना
  • साथ ही उत्पाद की गैसिंग या वैक्यूम में डीगैसिंग भी की जा सकती है

अनुप्रयोग

स्टिरिंग का उपयोग कई उद्योगों में होता है: फ़ार्मा और कॉस्मेटिक्स, खाद्य और बायोटेक्नोलॉजी, तथा केमिकल उद्योग। विशेष रूप से कॉस्मेटिक्स में अपनी बहुमुखी उपयोगिता के कारण यह एक बुनियादी प्रक्रिया है। जब भी तरल पदार्थों को केवल गतिमान रखना हो या कम शियर पर्याप्त हो, तब स्टिरिंग पर्याप्त होती है। उदाहरण के लिए:

एजिटेटर के प्रकार और डिज़ाइन

स्टिरिंग में सबसे महत्वपूर्ण है आवश्यक समांगता को कम समय में और कम ऊर्जा के साथ प्राप्त करना। इसके अलावा हीटिंग और कूलिंग के दौरान हीट ट्रांसफ़र यथासंभव अच्छा होना चाहिए। कार्य के अनुसार विभिन्न एजिटेटर उपयोग किए जा सकते हैं:

  • कॉम्ब पैडल एजिटेटर
  • बैफ़ल सहित एंकर एजिटेटर
  • Easy-Visco एजिटेटर
  • डिज़ॉल्वर एजिटेटर
  • प्रोपेलर एजिटेटर
  • सर्कुलेशन एजिटेटर
  • मैग्नेटिक स्टिरर

चयन करते समय एजिटेटर की ज्यामिति और ड्राइव को प्रक्रिया के अनुसार सटीक रूप से मिलाना ज़रूरी है। वर्षों के अनुभव के आधार पर हम एजिटेटर को इस तरह डिज़ाइन करते हैं कि वे आपकी प्रक्रिया में सर्वोत्तम रूप से काम करें।

हमारा डोज़िंग स्टेशन तरल कच्चे माल के कुशल वज़न और डोज़िंग के लिए हमारा नवीनतम इनोवेशन है।

अन्य प्रक्रियाएँ

क्या आप अपनी प्रक्रिया के लिए उपयुक्त एजिटेटर खोज रहे हैं? डिज़ाइन से लेकर तैयार प्लांट तक, हम आपको सहर्ष परामर्श देते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: स्टिरिंग

स्टिरिंग से क्या तात्पर्य है?

स्टिरिंग विभिन्न आकार के स्टिरिंग टूल की मदद से तरल पदार्थों में की जाने वाली एक मिक्सिंग प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य सभी एडिटिव का समांगी वितरण तथा एकसमान तापमान, विस्कोसिटी और घनत्व है। स्टिरिंग, मिश्रण की एक शाखा है।

एजिटेटर कितने प्रकार के होते हैं?

उदाहरण के लिए कॉम्ब पैडल एजिटेटर, बैफ़ल सहित एंकर एजिटेटर, Easy-Visco, डिज़ॉल्वर, प्रोपेलर, सर्कुलेशन और मैग्नेटिक एजिटेटर। कौन-सा उपयुक्त है, यह उत्पाद और प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

स्टिरिंग कब पर्याप्त होती है?

जब भी तरल को केवल गतिमान रखना या कम शियर भार पर्याप्त हो – जैसे जेल, सपोज़िटरी या आँखों के मलहम के निर्माण में।

एजिटेटर के डिज़ाइन में क्या महत्वपूर्ण है?

हीटिंग और कूलिंग के दौरान सर्वोत्तम हीट ट्रांसफ़र के साथ, आवश्यक समांगता कम समय में और कम ऊर्जा खपत के साथ प्राप्त होनी चाहिए। एजिटेटर की ज्यामिति और ड्राइव प्रक्रिया के अनुरूप होने चाहिए।